US: फ्लोरेंस तूफान से भारी नुकसान के साथ परमाणु खतरा भी बरकरार।
फ्लोरेंस तूफान की वजह से लगभग 1.5 लाख घरों में अंधेरा छा गया। बिफर्ट, कार्टरेट और क्रेवेन काउंटी में बिजली जाने से सभी ज्यादा लोग प्रभावित हुए।
(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : गुरुवार की शाम को फ्लोरेंस तूफान ने अमेरिका में दस्तक दे दी। नॉर्थ कैरोलिना के बैरियर द्वीप में तूफान ने सबसे पहले दस्तक दी। फ्लोरेंस तूफान की वजह से लगभग 1.5 लाख घरों में अंधेरा छा गया। बिफर्ट, कार्टरेट और क्रेवेन काउंटी में बिजली जाने से सभी ज्यादा लोग प्रभावित हुए। यही नहीं अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना कई इलाके डूब गए हैं। खासकर न्यूस नदी के पानी से न्यू बर्न का इलाका डूब गया है। कई इलाकों में 11 फीट तक पानी भरा हुआ है। मोरहेड में पुलिस सेवा बंद कर दी गई है। तेज हवाओं की वजह से यहां ड्राइविंग कर पाना मुमकिन नहीं है। आपको बता दें कि पहले फ्लोरेंस तूफान के कैटिगरी 5 तूफान के रूप में दस्तक देने की आशंका व्यक्त की गई थी। हालांकि अमेरिका के तटीय इलाकों में पहुंचते वक्त ये कैटिगरी 1 तूफान में बदल गया। भले ही तूफान की तीव्रता कम हुई हो, लेकिन खतरा अभी कम नहीं हुआ है। हवाएं अभी भी 90 मिल प्रति घंटे(145 km/hr) की रफ्तार से अभी भी बह रही हैं। माना जा रहा है कि फ्लोरेंस तूफान का सबसे तेज प्रहार नॉर्थ कैरोलिना के दक्षिणी भाग पर होगा। आपको बता दें कि इस तूफान से अमेरिका पर इस समय बड़ा न्यूक्लियर खतरा मंडरा रहा है। आपको बता दें कि एक्सपर्ट एजेंसियों के मुताबिक इस तूफान के रास्ते में अमेरिका के 6 न्यूक्लियर पावर प्लांट भी है। वैसे तो अमेरिका की फेडरल एजेंसियों ने तूफान से न्यूक्लियर पावर प्लांट सुरक्षित होने का दावा किया है। वहीं कुछ विशेषज्ञों के अनुसार खतरे की आशंका पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उनका मानना है कि फ्लोरेंस तूफान से नॉर्थ और साउथ कैरलाइना स्थित न्यूक्लियर पावर प्लांट की सुरक्षा को नुकसान पहुंच सकता है। आपको बता दें कि विशेषज्ञों के अनुसार फ्लोरेंस तूफान रविवार तक जारी रहा सकता है। फ्लोरेंस तूफान की वजह से वर्जीनिया, नॉर्थ और साउथ कैरलाइना के तटीय इलाकों से 15 लाख से ज्यादा लोगों को घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। आपको बता दें कि फ्लोरेंस तूफान में बचाव कार्य में लगे अधिकारियों की चिंता आसपास के नदियों में बढ़ते जलस्तर से भी है। उनके अनुसार इससे और कई इलाके डूब सकते हैं। कई जगह 30 फीट तक लहरे उठती हुई दिखाई दी है। अधिकारियों ने आशंका जताई है इस तूफान से 30 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हो सकते हैं।