वेनेजुएला भूकंप त्रासदी: मैक्सिको की मशहूर बचाव टीम ‘टोपोस एज्टेका’ राहत अभियान में हुई शामिल

(न्यूज़लाइवनाउ-venezuela) वेनेजुएला में आए भीषण दोहरे भूकंप के बाद तबाही का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मृतकों की संख्या 2,200 के पार पहुंच चुकी है, जबकि 11 हजार से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। सबसे अधिक प्रभावित ला ग्वायरा प्रांत में मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश अभी भी जारी है, हालांकि समय बीतने के साथ जीवित लोगों के मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है।

इस गंभीर मानवीय संकट के बीच मैक्सिको की विश्व प्रसिद्ध स्वयंसेवी बचाव संस्था ब्रिगाडा इंटरनासियोनाल डे रेस्काते टोपोस एज्टेका (Topos Azteca) ने वेनेजुएला के लिए अपना राहत दल रवाना किया है। यह संगठन 1985 में मैक्सिको सिटी में आए विनाशकारी भूकंप के बाद अस्तित्व में आया था और तब से दुनिया के कई बड़े आपदा क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान चला चुका है।

दल के स्वयंसेवक जर्मन बेलो, जिन्हें संगठन में “ला सेक्रे” के नाम से जाना जाता है, बचाव उपकरणों के साथ बड़ी संख्या में बॉडी बैग भी लेकर रवाना हुए। उनका कहना है कि अब कई स्थानों पर अभियान का उद्देश्य केवल जीवित लोगों को ढूंढना नहीं, बल्कि मृतकों को सम्मानपूर्वक बाहर निकालना भी है।

टोपोस एज्टेका के 80 वर्षीय संस्थापक हेक्टर “एल चीनो” मेंडेज पहले ही वेनेजुएला पहुंच चुके हैं और राहत कार्यों का नेतृत्व कर रहे हैं। वर्षों के अनुभव के आधार पर उनकी टीम बेहद खतरनाक परिस्थितियों में भी ध्वस्त इमारतों के भीतर पहुंचकर फंसे लोगों की तलाश करती है।राहतकर्मी पहले क्षतिग्रस्त इमारतों की स्थिरता का आकलन करते हैं। इसके बाद वे छोटे-छोटे समूहों में बंटकर मलबे के बीच संकरे रास्तों से अंदर प्रवेश करते हैं। थर्मल कैमरे, संवेदनशील माइक्रोफोन और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से जीवन के संकेत खोजे जाते हैं। बचाव कार्य के दौरान फावड़े, हथौड़े और अन्य हाथ के औजारों से बेहद सावधानीपूर्वक मलबा हटाया जाता है ताकि और ढहने का खतरा न बढ़े।

इस टीम की सबसे प्रसिद्ध तकनीकों में से एक है मुट्ठी हवा में उठाकर पूर्ण शांति का संकेत देना। जैसे ही यह संकेत मिलता है, सभी बचावकर्मी, सैनिक, स्वयंसेवक और मौजूद लोग तुरंत चुप हो जाते हैं ताकि मलबे के भीतर से आने वाली हल्की से हल्की आवाज भी सुनी जा सके। यह पद्धति 1985 के मैक्सिको भूकंप के दौरान विकसित हुई थी और आज दुनिया की कई रेस्क्यू एजेंसियां इसे अपनाती हैं।

रवाना होने से पहले मैक्सिको सिटी हवाई अड्डे पर एक वेनेजुएलाई नागरिक ने जर्मन बेलो से मुलाकात कर भावुक होते हुए उनका धन्यवाद किया। उसके परिवार के सदस्य अब भी प्रभावित इलाके में फंसे हुए हैं। इस घटना ने बचाव दल के सदस्यों को भी भावुक कर दिया। बेलो ने कहा कि पीड़ितों के चेहरे पर उम्मीद लौटाना ही उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।

वेनेजुएला में राहत और बचाव कार्यों में कई देशों की टीमें शामिल हैं, लेकिन भारी तबाही और बड़ी संख्या में ढही इमारतों के कारण अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां लगातार राहत सामग्री और विशेषज्ञों को प्रभावित क्षेत्रों में भेज रही हैं।

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