महिला सशक्तिकरण से ही मजबूत होगा देश: यूनुस
महिला एवं बाल विकास विभाग ने जल्लुग्रां में लगाया जागरुकता शिविर
कुल्लू :महिला एवं बाल विकास विभाग ने वीरवार को मणिकर्ण घाटी की ग्राम पंचायत जल्लुग्रां के सहयोग से गांव जल्लुग्रां में बाल सुरक्षा व देखभाल और नारी गरिमा अभियान पर जागरुकता शिविर आयोजित किया। शिविर में जिलाधीश यूनुस ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित क्षेत्रवासियों विशेषकर महिलाओं को संबोधित करते हुए जिलाधीश ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण से ही सशक्त समाज और मजबूत देश का निर्माण हो सकता है।
यूनुस ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण और आपात परिस्थितियों में रह रहे बेसहारा बच्चों के उत्थान के लिए महिला एवं बाल विकास के माध्यम से कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं। आम लोगों को इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने बताया कि कुल्लू जिला के कुछ क्षेत्रों में मासिक धर्म को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के लिए नारी गरिमा अभियान चलाया गया है। अभियान के दौरान महिलाओं को विशेष रूप से जागरुक किया जा रहा है। जिलाधीश ने जल्लुग्रां में आंगनबाड़ी भवन और सामुदायिक भवन के लिए धनराशि का प्रावधान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की पेयजल समस्या के समाधान और स्थानीय स्कूल में पर्याप्त सुविधाएं के लिए भी उचित कदम उठाए जाएंगे।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी हकीकत ढांडा ने मुफ्त कानूनी सहायता योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एससी-एसटी वर्ग के लोगों, बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों, विकलांगों, आपदा पीड़ितों और सालाना एक लाख रुपये से कम आय वाले लोगों के लिए मुफ्त कानूनी सहायता का प्रावधान है। पात्र लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए।
इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी वीरेंद्र सिंह आर्य ने महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। नरसिंह विकास समिति जल्लुग्रां के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने जिलाधीश व अन्य अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कर्मचारियों, महिला मंडलों की कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जबकि पर्यवेक्षक नरेश कौंडल ने मंच संचालन किया। शिविर में सीडीपीओ रघुवीर सिंह, जल्लुग्रां की प्रधान शक्ति शर्मा, रतोचा की चंद्रकला, बराधा की गायत्री, शाट की सोनू देवी, चैंग के रामलाल, अन्य पंचायतों के जनप्रतिनिधि और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के शिक्षक भी उपस्थित थे।