किसने कहा था ? ‘पाकिस्तान में भी चुनाव लड़ते तो जीत जाते अटल’

बात उन दिनों की है जब वर्ष 1951 में दिल्ली में जनसंघ की स्थापना हुई

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : पाकिस्तान से चुनाव अटल जी इतने लोक प्रिय नेता थे कि पड़ोसी देश के लोग और अधिकारी भी उन्हें पसंद करते थे। दिल्ली के मशहूर भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा बताते हैं कि आपातकाल के बाद बनी मोरारजी देसाई की सरकार में अटल बिहारी वाजपेयी विदेश मंत्री होने के नाते पाकिस्तान में बहुत लोकप्रिय थे। एक दिन पाकिस्तान के तत्कालीन उच्चायुक्त अब्दुल सत्तार उनके घर पहुंचे। सत्तार ने अटल जी से कहा कि आप तो पाकिस्तान में भी बहुत लोकप्रिय हैं, अगर वहां से चुनाव लड़ें तो दूसरों की जमानत जब्त हो जाएगी। हालांकि, यह बात पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशरर्फ ने भी एक बार कही थी।कम संसाधनों में काम कैसे होता है यह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से सीखा जा सकता है। बात उन दिनों की है जब वर्ष 1951 में दिल्ली में जनसंघ की स्थापना हुई। अजमेरी गेट में मकान संख्या 5239 में पहले और दूसरे तल पर चार कमरों में कार्यालय बनाया गया। प्रवास के समय कार्यालय में दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी बाजपेयी रहते थे।संसाधनों का अभाव था तो इन्हीं चार कमरों में से एक में सोना होता था और दिनभर कार्यकर्ताओं से मिलना और आगे की रणनीति पर चर्चा होती थी। जनसंघ के संस्थापकों में शामिल रहे विजय कुमार मल्होत्रा कहते हैं कि अटल जी बड़े सहज और सरल स्वभाव के थे। वह जब भी दिल्ली आते थे तो इसी कार्यालय में छोटे से कमरे में रहते थे।जनसंघ का दायरा बढ़ने पर उन्होंने जगह की कमी से कई बैठकें कार्यालय की छत पर लीं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), भारतीय जनसंघ की उत्तराधिकारी है। भारतीय जनसंघ का 1977 में जनता पार्टी में विलय हो गया था। आतंरिक मतभेदों के फलस्वरूप 1979 में जनता पार्टी की सरकार गिरने के बाद 1980 में भाजपा का उदय एक स्वतंत्र दल के रूप में हुआ।उन दिनों कंप्यूटर नहीं था, टाइपराइटर से टाइपिंग होती थी। ऐसे में अटल जी मदद के लिए आने वाले लोगों के लिए खुद ही बीड़ा उठाते थे। विजय कुमार मल्होत्रा एक पत्र का हवाला देकर बताते हैं कि वर्ष 1963 में जब वह दिल्ली नगर निगम के सदस्य थे तो उन्हें अटल जी ने पत्र लिखा था। वह एक महिला का तपेदिक का इलाज दिल्ली में कराना चाहते थे। मल्होत्रा कहते हैं कि उन्हें यह जानकार हैरानी हुई कि अटल जी ने खुद पत्र लिखा है। उन्होंने मेरे भाषण की तारीफ भी की थी।अजमेरी गेट में जिन चार कमरों से भारतीय जनसंघ की शुरुआत हुई, आज उस कार्यालय में भारतीय मजदूर संघ दिल्ली का कार्यालय चलता है। जिस कमरे में अटल बिहारी वाजपेयी रहा करते थे, उसमें अनिस मिश्रा रहते हैं। वह भारतीय मजदूर संघ दिल्ली के महामंत्री हैं। अनिस कहते हैं कि उन्हें गर्व है कि वह इस कमरे में रह रहे हैं।विजय कुमार मल्होत्रा बताते हैं कि समाचार पत्रों के माध्यम से अगर जनता को अटल जी की सभा की जानकारी मिल जाती थी तो लोग अपना कामकाज छोड़कर सभा में आ जाते थे। यह उनके वक्तव्य का जादू था कि रात 12 बजे तक दिल्ली में सभाएं होती थीं और उसमें हुजूम उमड़ता था। उनकी सभाओं के लिए 12 टोटी, हौजकाजी, टाउन हॉल के सामने, दरीबा कलां आदि जैसे प्रमुख स्थान प्रसिद्ध थे।

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