(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : नई दिल्ली। भारत के हिन्दुओ और धर्म की रक्षा के लिए संकल्पित संगठन बजरंग दल के एक कार्यकर्ता पर एक मुस्लिम लड़की का दिल आया और उसने अपने जन्म जन्मान्तर का साथी उसको मान कर खुद को कर दिया उसे ही समर्पित। ये एतिहासिक संघर्ष हुआ है मेरठ में जिसमे पुलिस के हस्तक्षेप के बाद भी एक इंच भी नहीं हटा सच्चा प्यार और अब सानिया बन चुकी है सोनिया। एक समर्पित हिन्दू कार्यकर्ता की धर्मपत्नी जिसने उसके साथ 7 जन्मो के साथ का वादा लिया है। ये मामला मेरठ और देहरादून दोनों से जुड़ा है । मेरठ की सानिया चरमपंथी समाज के कुछ लोगों की हरकतों से बहुत परेशान रहती थी। उसको तकलीफ होती थी उन उन्मादियो को देख कर जो कभी भारत की फ़ौज पर पत्थर बरसाते थे , कभी किसी समाज को काट देने या मार देने की धमकी देते थे और कभी गाय आदि काट कर खुद को उन्मादी दिखने की कोशिश किया करते थे । ऐसे में एक दिन उसकी नजर पड़ी थी बजरंग दल के एक समर्पित कार्यकर्ता पर। फिर उसने हिन्दू और हिंदुत्व को जाना ।। फिर वो उसी धर्म में समाती हुई चली गई और उस को अपना जीवन साथी मान बैठी जो उसे इस मार्ग को दिखाया था । सदर क्षेत्र निवासी 19 वर्षीय युवती का क्षेत्र के ही एक युवक से प्रेम था।
युवती के परिजनों को इसका पता चला तो उन्होंने युवती के घर से निकलने पर पाबंदी लगा दी। छह मार्च की सुबह युवती प्रेमी के साथ घर से चली गई। युवती के परिजनों को पता चला तो उन्होंने युवक के खिलाफ सदर बाजार थाने में अपहरण का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज करा दिया। मामला दो समुदाय से जुड़ा होने के कारण परिजन आमने सामने आ गए। सोमवार सुबह एसओ सदर बाजार विजय गुप्ता ने मोबाइल की लोकेशन के आधार पर युवती को भैसाली बस अड्डे पर अपने कब्जे में ले लिया।सदर थाना पुलिस ने युवती से युवक के बारे में पूछताछ की। इस पर युवती ने बताया कि मैंने धर्म बदलकर देहरादून में युवक के साथ शादी कर ली है। बाकयदा प्रमाण मिला कि दसवीं की मार्कशीट के आधार पर मैं 19 साल की हूं। आर्यसमाज मंदिर में विवाह के बाद शादी को कोर्ट में रजिस्टर्ड करा लिया है। इसके बाद पुलिस युवती के 161 के बयान कराए और कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने युवती को युवक की मां की सुपुर्दगी में दिया। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि थानाध्यक्ष विजय गुप्ता ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर युवती को युवक की मां के साथ घर तक छोड़ा गया है। युवक पर अपहरण का केस दर्ज है। उसमें पुलिस साक्ष्य के आधार पर एफआर लगा देगी। युवती ने कोर्ट में कहा कि उसका अपहरण नहीं हुआ है। उसने शादी की है। थाने में पुलिस ने युवती को उसके परिजनों से मिलवाया पर बेटी ने अपने पति के साथ ही रहने की कसम खाई।