गौ हत्यारों सीखो इस मासूम बच्चे से, घायल चूजे को ले कर अस्पताल पंहुचा ये बच्चा !

फिलहाल पिछले कुछ समय से भारत में गाय खाने की जिद करने वालों ने सडक से संसद तक हर वो कोशिश कर डाली जिसके कारण गाय को बचाना और यहाँ तक कि गाय को पालने वाले लोगों पर भी सवालिया निशान तथाकथित बुद्धिजीवी लगाने लगे थे ।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : मानवता की बात , इंसानियत की दुहाई अगर उनके द्वारा दी जाय जिनके हाथ खून से रंगे हों तो कहीं न कहीं इसको दोहरा चरित्र ही कहा जाएगा और उसी को मुह में राम बगल में छूरी वाली कहावत कहते हैं । फिलहाल पिछले कुछ समय से भारत में गाय खाने की जिद करने वालों ने सडक से संसद तक हर वो कोशिश कर डाली जिसके कारण गाय को बचाना और यहाँ तक कि गाय को पालने वाले लोगों पर भी सवालिया निशान तथाकथित बुद्धिजीवी लगाने लगे थे ।लेकिन उन सभी को इंसानियत और मानवता की शिक्षा एक मासूम दे गया है ।  एक ऐसा बच्चा जिसको अभी दुनिया के बारे में बहुत ज्यादा पता नही है लेकिन उसने वैदिक नियमो का पालन किया ।  वैदिक नियम वो हैं जो ये बताते हैं कि हर वो जन्तु जिसमे जीव या आत्मा हो, उसको पीड़ा देना पाप है । ।यद्दपि कुछ ऐसे भी लोग हैं जो सब कुछ मार कर खा जाना भी अपना हक समझते हैं और इसको इंसानियत का एक पहलू भी , जो अजीब और हास्यास्पद भी है ।बच्चे ने यकीनन वैदिक आदेशो की पुस्तकें नहीं पढ़ी रही होंगी पर उसने जो किया वो ये साबित करता है कि एक मासूम बच्चा इश्वर का रूप होता है ।  भले ही बाद में उसको कहीं कुछ पढ़ा कर कट्टरपंथ और चरमपंथ के राह पर कोई ले जाए ।  मिजोरम का वो मासूम बच्चा यकीनन इश्वर के ही रूप का प्रतीक था ।  मिजोरम के साईरांग में देखने को मिला जहां एक नन्हा बच्चा एक मुर्गी के घायल चूजे को लेकर अस्पताल पहुंचा। उसके पास चूजे के इलाज के लिए सिर्फ 10 रुपये थे और आंखों में उसे न बचा पाने का डर। इंसानों के अस्पताल में चूजे को इलाज के लिए ले आना वो भी हाथ में सिर्फ 10 रुपये लेकर।ऐसे में अस्पताल में कोई उसकी मासूमियत पर मुस्कुरा दिया तो कोई बच्चे का ऐसा साफ दिल देखकर भावुक हो गया। दरअसल बच्चे की साइकिल गलती से चूजे के ऊपर से निकल गई। लेकिन इस बता का उसे बहुत गिल्ट हुआ और उसने चूजे को किनारे पर रख गिया और फटाफाट अपने घर गया। इसके बाद बच्चे के पास जो कुछ भी थोड़े बहुत पैसे पड़े थे उनको जमा किया और वापस चूजे के पास गया। चूजे के पास जाकर बच्चे ने उसे गोदी ले लिया और दौड़कर पास के अस्पताल पहुंचा ताकि उसका इलाज करवा सके।बच्चा इतना छोटा है कि उसे ये भी नहीं मालूम कि पशुओं का अस्पताल अलग होता है।इस तस्वीर को सांगा सेज नाम के फेसबुक अकॉउंट से शेयर किया गया है और साथ में पूरी घटना के बारे में लिखा है। ये पोस्ट अब तक 84 हजार से ज्यादा बार शेयर हो चुका है जबकि 8.5 हजार के करीब इसपर कमेंट हैं। फोटो में बच्चे के चहरे के भाव किसी का दिल पिघलाने के लिए काफी हैं। फिलहाल ये बच्चा उन के लिए एक आदर्श है जो इंसान होने के नाते सब कुछ खा जाने की वकालत करते हैं ।

Leave A Reply