स्वस्थ रखना है अपना दिल, सोने से पहले योग करें और संगीत सुने

राजस्थान के जयपुर में एचजी एसएमएस हॉस्पिटल में सलाहकार कार्डियोलॉजिस्ट और इस अध्ययन के लेखक नरेश सेन कहते हैं, हम अपने अस्पताल में म्यूजिक थेरेपी का इस्तेमाल करते हैं

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : सोने से पहले सुकून देने वाला योग संगीत सुनना हृदय के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। यह बात भारतीय शोधकर्ताओं के एक अध्ययन में सामने आई है। राजस्थान के जयपुर में एचजी एसएमएस हॉस्पिटल में सलाहकार कार्डियोलॉजिस्ट और इस अध्ययन के लेखक नरेश सेन कहते हैं, हम अपने अस्पताल में म्यूजिक थेरेपी का इस्तेमाल करते हैं। अध्ययन में हमने पाया है कि सोने से पहले योग संगीत सुनने का सकारात्मक असर धड़कन की गति पर पड़ता है।शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन में 149 स्वस्थ हृदय वाले लोगों को शामिल किया। इनकी हृदय गति की तीन सत्रों के दौरान जांच की गई। पहले सत्र में सोने से पहले योग संगीत सुनाया गया, जबकि दूसरे सत्र में पॉप संगीत। वहीं, तीसरे में प्रतिभागी को बिना संगीत के सोने को कहा गया। तीनों सत्रों में प्रतिभागियों की हृदय गति सत्र शुरू होने से पहले पांच मिनट, सत्र के दौरान 10 मिनट और सत्र खत्म होने के बाद पांच मिनट के लिए जांची गई।इसमें सामने आया कि योग संगीत सुनने से प्रतिभागियों की चिंता का स्तर कम हो गया और हृदय गति पर अच्छा असर पड़ा। इस अध्ययन को जर्मनी में चल रही यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी कांग्रेस 2018 में प्रस्तुत किया गया है।दिनभर टीवी के सामने बैठे रहने, सोफे या पलंग पर लेटे-लेटे कंप्यूटर पर काम करना आदि कुछ ऐसी अनहेल्दी आदतों हैं जो न सिर्फ आपको हृदय रोग होने का जोखिम काफी बढ़ा देती हैं, बल्कि आयु को भी कम करती हैं। यदि आप एक्टिव रहेंगे तो उम्र ढलने के बाद गठिया, डायबिटीज व ऐसे ही कई अन्य रोगों की आशंका कम होगी।कालेस्ट्राल का अच्च स्तर हृदय संबंधी रोगों का मिखाय कारण होता है। इसलिए इसके स्तर पर नियंत्रण बना कर रखें। इसके लिए ऐसे आहार खाएं जिनसे शरीर में कालेस्ट्राल का स्तर नियंत्रित में रहे। क्योंकि कालेस्ट्राल का स्तर हृदय स्‍वास्‍थ्‍य को बहुत ज्यादा प्रभावित करता है। सेब और संतरे जैसे फल, प्याज़, ब्रोकोली जैसी सब्जियां और मछली आदि का सेवन नियमित करें।न्यूट्रीशस और हेल्दी डाइट लें और वो भी समय से। संतुलित आहार का मतलब ऐसे आहार से है, जिसमें काबोर्हाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन आदि की पर्याप्त मात्रा हों। अधिक तेलीय औॉर चटपटा न खाएं। साथ ही तेलों का सही बैलेंस भी जरूरी है। तेल बदल-बदल कर और कॉम्बिनेशन में खाएं। ऑलिव ऑयल या सरसों का तेल बेहतर होता है। इससे कॉलेस्ट्रॉल कम होता है। इसके अलावा फाइवर फूड और औमेगा 3 फैटा एसिज वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें।

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