CM फड़णवीस बोले- गृह युद्ध शुरू करने का प्रयास कर रहे थे भीमा कोरेगांव के आरोपी

सीएम फड़णवीस ने कहा, 'हम निर्णय का स्वागत करते हैं। पुणे पुलिस द्वारा की गई जांच और साक्ष्य के आधार पर इसे वैध माना गया है और सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह जांच में हस्तक्षेप नहीं करेगा।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में नक्सलियों से संबंध के आरोप में नजरबंद वामपंथी विचारकों की हिरासत को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्‍वागत किया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों की हिरासत को चार हफ्ते और बढ़ा दिया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि मामले की एसआइटी जांच नहीं कराई जाएगी। गिरफ्तार वामपंथी विचारकों में वरवरा राव, अरुण फरेरा, वरनान गोन्साल्विज, सुधा भारद्वाज और गौतम नवलखा शामिल हैं।सीएम फड़णवीस ने कहा, ‘हम निर्णय का स्वागत करते हैं। पुणे पुलिस द्वारा की गई जांच और साक्ष्य के आधार पर इसे वैध माना गया है और सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह जांच में हस्तक्षेप नहीं करेगा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार किया कि इस मामले में कोई राजनीतिक प्रभाव नहीं है और विपक्ष की आवाज़ को दबाने के लिए यह एक साजिश नहीं है। पुणे पुलिस और देश के लिए यह एक बड़ी जीत है। वे (कार्यकर्ता) कई वर्षों से ऐसा कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं था, इसलिए जांच पूरी नहीं हो पाती थी।उन्‍होंने कहा कि वे देश में गृह युद्ध शुरू करने का प्रयास कर रहे थे। नक्सलियों को सुरक्षा देने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मारने की साजिश रच रहे थे। लेकिन अब उनकी साजिशों से पर्दा हट गया है।   भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस खानविलकर के बहुमत के फैसले में कहा गया कि इस केस में गिरफ्तारी सिर्फ इसलिए नहीं हुई है, क्योंकि असहमति थी। मामले की एसआइटी जांच नहीं कराई जाएगी। पांचों गिरफ्तार लोगों की हाउस अरेस्ट चार हफ्ते और जारी रहेगा, ताकि वे कानूनी मदद ले सकें। कोर्ट ने यह भी कहा है कि भीमा कोरेगांव केस में गिरफ्तार किए गए वामपंथी विचारक चाहें तो राहत के लिए ट्रायल कोर्ट जा सकते हैं।

Leave A Reply