(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : नई दिल्ली। रविवार को जम्मू–कश्मीर के लेह पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लेह एयरपोर्ट के नए टर्मिनल बिल्डिंग का शिलान्यास किया। टर्मिनल का शिलान्यास करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लोक सभा चुनाव 2019 की ओर इशारा करते हुए कार्यक्रम में मौजूद लोगों से कहा कि ‘शिलान्यास मैंने किया है, लोकार्पण भी मैं ही करूंगा।‘ एयरपोर्ट की बिल्डिंग के बारे में उन्होंने कहा कि ‘3 दशक पहले एयरपोर्ट की जो बिल्डिंग बनाई गई थी, उसमें आधुनिकीकरण का ध्यान नहीं दिया गया था, लेकिन आज नए टर्मिनल बिल्डिंग का शिलान्यास करते हुए मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि आज जिसका शिलान्यास कर रहा हूं, उसका लोकार्पण करने भी मैं हू आऊंगा।‘ कार्यक्रम में मौजूद जनता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि ‘लद्दाख वीरों की धरती है, चाहे 1947 हो या फिर 1962 की जंग, या फिर कारगिल का युद्ध, यहां के वीर फौजियों ने, लेह और कारगिल के जांबाज लोगों ने देश की सुरक्षा सुनिश्चित की है। आप जिन मुश्किल परिस्थितियों में रहते हैं, हर कठिनाई को चुनौती देते हैं, वो मेरे लिए बहुत बड़ी प्रेरणा होती है कि आप सभी के लिए और डटकर काम करना है। जो स्नेह आप मुझे देते हैं, वो ब्याज समेत विकास करके लौटाना है। मुझे ये ऐहसास है कि ये मौसम आप सभी के लिए मुश्किलें लेकर आता है। बिजली की समस्या होती है, पानी की दिक्कत आती है, बीमारी की स्थिति में परेशानी होती है, पशुओं के लिए चारे का इंतज़ाम करना पड़ता है, दूर–दूर तक भटकना पड़ता है। इन्हीं परेशानियों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इसलिए मैं खुद बार–बार लेह–लद्दाख और जम्मू–कश्मीर आता रहता हूं।‘
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि ‘हमारी सरकार के काम करने का तरीका ही यही है। लटकाने और भटकाने की पुरानी संस्कृति अब देश पीछे छोड़ चुका है। जिस परियोजना का शिलान्यास किया जाता है, पूरी शक्ति लगाई जाती है कि उसका काम समय पर पूरा हो। आज जिन परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है उनसे बिजली के साथ–साथ लेह–लद्दाख की देश और दुनिया के दूसरे शहरों से कनेक्टिविटी सुधरेगी, पर्यटन बढ़ेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और यहां के युवाओं को पढ़ाई के लिए यहीं पर अच्छी सुविधाएं भी मिलेंगी। लेह–लद्दाख को शेष भारत से कनेक्ट करना और देश की एकता और अखंडता की भावना को मजबूत करना ही रिंपोचे जी का सबसे बड़ा सपना था।‘ वहीं उन्होंने आगे कहा कि ‘केंद्र सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए यहां कनेक्टिविटी को एक नया विस्तार दे रही है। किसी भी क्षेत्र में जब कनेक्टिविटी अच्छी होने लगती है, तो वहां के लोगों का जीवन तो आसान होता ही है, कमाई के साधन भी बढ़ते हैं। टूरिज्म को इसका सबसे अधिक लाभ होता है। लेह, लद्दाख का इलाका तो अध्यात्म, कला–संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए दुनिया का एक महत्वपूर्ण स्थान है। यहां टूरिज्म के विकास के लिए एक और कदम सरकार ने उठाया है। आज यहां 5 नए ट्रैकिंग रूट को खोलने का फैसला लिया गया है। केंद्र सरकार देशभर में विकास की पंचधारा, यानि बच्चों को पढ़ाई, युवा को कमाई, बुजुर्गों को दवाई, किसान को सिंचाई और जन–जन की सुनवाई, सुनिश्चित करने में जुटी हुई है।‘
उन्होंने कहा कि ‘लेह–लद्दाख और कारगिल में भी इन सभी सुविधाओं को मजबूत करने का प्रयास चल रहा है। लद्दाख में कुल आबादी का 40 प्रतिशत हिस्सा युवा विद्यार्थी हैं। आप सभी की लंबे समय से यहां यूनिवर्सिटी की मांग रही है। आज आपकी ये मांग भी पूरी हुई है। इसके लिए भी आप सभी को बहुत–बहुत बधाई और शुभकामनाएं। आज इस क्लस्टर यूनीवर्सिटी को लॉन्च किया गया है। इसमें नूबरा, लेह, जंसकार, और कारगिल में चल रहे डिग्री कालेजों के संसाधनों का उपयोग किया जाएगा।‘ ‘छात्रों की सुविधा के लिए लेह और कारगिल में भी इसके प्रशासनिक दफ्तर रहेंगे। लेह–लद्दाख देश के उन हिस्सों में है जहां Scheduled Tribes, मेरे जन–जातीय भाई–बहनों की आबादी काफी मात्रा में है, दो दिन पहले केंद्र सरकार ने जो बजट पेश किया है इसमें SC/ST के विकास पर बहुत बल दिया गया है। Scheduled Tribes के वेलफेयर के लिए बजट में लगभग 30% की बढ़ोतरी की गई है, जबकि दलितों के विकास के लिए लगभग 35% अधिक बजट का आवंटन इस बार किया गया है। बजट में ST वेलफेयर के लिए जो 11 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया गया है इससे अब शिक्षा, स्वास्थ्य और दूसरी सुविधाओं में बढ़ोतरी होने वाली है।‘