(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : नई दिल्ली। ये भारत की नई धर्म निरपेक्ष छवि को धक्का न माना जाय तो और क्या माना जाय ।सवाल ये भी उठ रहे हैं कि क्या इसी प्रकार से निभाई जायेगी वो कथित धर्मनिरपेक्षता जिसको सीधे सीधे हिन्दू और भगवा विरोध का प्रतीक बनती जा रही है । योगी आदित्यनाथ जो एक प्रदेश के मुख्यमंत्री भी हैं और इसके साथ साथ लगातार प्रचंड बहुमत से जीत कर आ रहे सांसद भी । पर उनको एक मुख्यमंत्री ने अपने प्रदेश में आने से मना कर दिया ।। यद्दपि योगी आदित्यनाथ ने ऐसा अपने प्रदेश में कभी नहीं किया। विदित हो कि ये पूरा मामला है उस पश्चिम बंगाल का जो धीरे धीरे बंगलादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों का ऐसा गढ़ बनता जा रहा है जो आने वाले समय में अमेरिकी पत्रकार तक की उस चेतावनी के राडार पर चुका है जहाँ पर आने वाले समय में हिन्दुओ के हालात बदतर होने की बात कही जा रही है । पश्चिम बंगाल जो काफी समय से NIA के रडार पर है और वहां BSF तक को जोर लगाना पड़ रहा है अवैध मानव तस्करी , अवैध हथियार तस्करी , अवैध नोटों की तस्करी जैसे तमाम अपराधो सेअब उसी पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के आदेश के बाद भगवा वस्त्र धारी योगी आदित्यनाथ को नहीं जाने दिया गया । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पश्चिम बंगाल में होने वाली रैली को पश्चिम बंगाल सरकार ने इजाजत नहीं दी है। इस बारे में यूपी के मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी है।बताया गया है कि बिना किसी पूर्व सूचना के पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा आज होने वाली चीफ मिनिस्टर योगी आदित्यनाथ की रैली को मना कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पश्चिम बंगाल में चार रैलियां प्रस्तावित हैं। आज यानी 3 फरवरी को योगी की पुरुलिया और बांकुरा में दो रैली होनी थीं। हालांकि इसे लेकर सरकार ने इजाजत नहीं दी। इसके अलावा 5 तारीख को रायगंज और दिनाजपुर जिले के बालूरघाट में रैली प्रस्तावित है। ये पहला मामला नहीं है , इस से पहले ममता बनर्जी ने अमित शाह तक को रोक दिया था वहां के लिए । एक प्रकार से ये एक घटना की पुनरावृत्ति है।