(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : नई दिल्ली। 1984 सिख विरोधी दंगों के मामले में योगी सरकार के एक फैसले के बाद उत्तर प्रदेश से लेकर पंजाब तक का सिख समाज योगी जी तथा उनकी सरकार का धन्यवाद कर रहा है। खबर के मुताबिक़, 1984 के सिख विरोधी दंगों के कारण कानपुर में उत्पन्न परिस्थितियां तथा कानपूर में हुए सिखों के नरसंहार की जांच के लिए उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कानपूर सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए योगी सरकार द्वारा द्वारा चार सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। जानकारी के मुताबिक़, एसआईटी की अगुवाई पूर्व डीजी अतुल करेंगे। उनके अलावा इसमें रिटायर्ड जज सुभाषचंद्र अग्रवाल, रिटायर्ड एडिशनल डायेक्टर अभियोजन योगेश्वर कृष्ण श्रीवास्तव, एक एसएसपी और एसपी को भी शामिल किया गया है। आपको बता दें कि कानपुर में 1984 के सिख विरोधी दंगों में कम से कम 127 लोग मारे गए थे। दिल्ली के बाद सबसे भीषण दंगा कानपुर में ही हुआ था। अगस्त 2017 में शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को एक नोटिस जारी कर दंगों की एसआईटी जांच की मांग की थी। बताया गया है कि एसआईटी दंगों के दौरान दर्ज प्राथमिकी की जांच करेगी जिसमें जिला पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट पेश की थी। टीम उन मामलों की भी जांच करेगी जिनमें आरोपियों को अदालत से राहत मिली थी। जघन्य अपराध के मामलों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाएगी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि एसआईटी को छह महीने में अपनी रिपोर्ट देनी होगी। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, 31 अक्टूबर, 1984 को इंदिरा गांधी की उनके अंगरक्षकों द्वारा हत्या करने के बाद हुई तबाही के दौरान दिल्ली में 2,100 सहित पूरे भारत में लगभग 2,800 सिख मारे गए थे।