सरकार का दावा: जम्मू-कश्मीर में हिंसा अब 80% तक घट गई — अमित शाह

यहाँ आधिकारिक तथ्यों और उपलब्ध आँकड़ों के आधार पर लिखे गए 3-4 परिच्छेदों में हिंदी में लेख है, जिसमें यह बताया गया है कि अमित शाह ने ‘हिंसा में 80% कमी’ का क्या बयान दिया और वास्तविक स्थिति क्या है:केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में कई मौकों पर कहा है कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से जम्मू-कश्मीर में हिंसा और आतंकवादी गतिविधियों में लगभग 80 % की कमी आई है।

उनका यह दावा इसी क्रम में आता है कि 5 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया था, जिससे वह अब एक “सामान्य” संघ-क्षेत्र बन गया और उसके बाद वहाँ शांति वापस आई। उन्होंने कहा कि पहले यह कहा जाता था कि अनुच्छेद 370 हटाने से वहाँ “रक्त की नदियाँ” बहेंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और हिंसा काफी घट गई है। अपने बयान में उन्होंने यह भी जोड़ा कि पिछले वर्षों में पर्यटन और जीवन सामान्य रूप से चलने लगा है।

सरकारी डेटा के अनुसार, अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से militant हमलों, सुरक्षा बलों और नागरिकों की मौतों और हिंसात्मक घटनाओं में गिरावट दर्ज की गई है। गृह मंत्री के अन्य बयानों में यह उल्लेख है कि सुरक्षा बलों और नागरिकों की मौतों में गिरावट आई है, और कुछ वर्षों में आतंकवादी गतिविधियाँ तथा बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शनों में कमी देखी गई है। हालांकि यह “80 % की कमी” का प्रतिशत मुख्य रूप से सरकारी घटकों और नेताओं के बयानों पर आधारित है, तथा इसे राष्ट्रीय सुरक्षा स्थिति सुधार का संकेत माना जा रहा है।

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